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हिमालयन बार्किंग डियर का शिकार पकड़ा गया
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में वन विभाग ने हिमालयन बार्किंग डियर के अवैध शिकार का खुलासा किया। अधिकारियों ने बताया कि यह संरक्षित प्रजाति है और इसका शिकार करना कानूनन अपराध है। आरोपी जंगल में जाकर हिरण का शिकार कर रहे थे और उसका मांस पकाने की योजना बना रहे थे। वन अधिकारियों की सतर्कता के कारण अपराधी पकड़ में आ गए।
आरोपी जंगल में शिकार कर रहे थे
पुलिस और वन विभाग की टीम ने खंखरा रेंज के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान 14 लोगों को हिरासत में लिया गया। टीम ने मौके से शिकार के उपकरण और हिरण का मांस बरामद किया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी उच्च ऊंचाई वाले इलाके में शिकार कर रहे थे, जो लगभग 8000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
वन्यजीव संरक्षण कानून उल्लंघन
वन विभाग ने बताया कि हिमालयन बार्किंग डियर एक संरक्षित प्रजाति है और भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इसके शिकार पर कड़ी कार्रवाई की जाती है। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के अपराध राज्य में वन्यजीव संरक्षण को खतरे में डालते हैं और इसे रोकने के लिए सतर्कता जरूरी है।
गिरफ्तार लोगों से पूछताछ जारी
अधिकारियों ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी 14 आरोपी से पूछताछ की जा रही है। टीम अन्य संभावित अपराधियों और शिकार के स्रोतों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में अवैध शिकार रोकने में मदद करेगी और स्थानीय वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत बनाएगी।
स्थानीय लोगों और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग की कार्रवाई की सराहना की है। कई लोगों ने कहा कि ऐसे अपराध जंगल और वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा करते हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें ताकि अवैध शिकार रोका जा सके।
वन्यजीव संरक्षण में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता
इस घटना ने राज्य में वन्यजीव संरक्षण की गंभीरता को उजागर किया है। वन विभाग ने बताया कि नियमित निगरानी, जागरूकता अभियान और कानूनों के सख्त पालन से अवैध शिकार को रोका जा सकता है। अधिकारियों ने कहा कि समाज में संरक्षण की भावना बढ़ाना जरूरी है ताकि संरक्षित प्रजातियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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