Search News
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- रक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- आपदा व आपातकाल
- स्वास्थ्य
- फिटनेस व वेलनेस
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- ऑटोमोबाइल व ईवी
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने वर्तमान सत्र में 147 लोगों को प्रवेश से वंचित कर काली सूची में डाला है। इसमें भाकियू आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी सहित कई बड़े राजनीतिक संगठनों के पदाधिकारी और छात्र नेता शामिल हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने वर्तमान सत्र की प्रवेश प्रक्रिया में 147 लोगों को प्रवेश से वंचित करते हुए काली सूची में शामिल कर रखा है। इस सूची में बड़े संगठनों के पदाधिकारी व अन्यत्र कार्यरत लोग भी शामिल हैं। वर्तमान में भाकियू आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायकी की तैयारी कर रहे डा. दिग्विजय भी भी विश्वविद्यालय की काली सूची का हिस्सा हैं। सूची में उनका नाम 29वें नंबर पर है। उन पर प्रतिबंध 2010 व 2011 में लगे थे, लेकिन वे अब भी विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए प्रतिबंधित हैं।
डा. दिग्विजय भाटी के अलावा विश्वविद्याल की काली सूची में समाजवादी छात्रसभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुज जावला, भाजपा नेता राहुल कुमार उर्फ संसार राणा, मेरठ दक्षिण से विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे सपा नेता कृष्णपाल गुर्जर, अखिल भारतीय गुर्जर महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष और अमरोहा में जिला पंचायत प्रत्याशी दीपक भड़ाना, भाजपा नेता व हस्तिनापुर ब्लाक प्रमुख प्रत्याशी अरुण खटाना, राष्ट्रीय लोकदल के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष आदित्य पंवार, सपा प्रदेश सचिव व जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी प्रदीप कसाना, भडोली के ग्राम प्रधान व जिला पंचायत प्रत्याशी अंकित भड़ाना, सपा नेता व पूर्व जिला अध्यक्ष सपा छात्रसभा राजदीप विकल, सीसीएसयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष विजय सिंह राणा, नीतीश भारद्वाज, एनएसयूआइ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोहित राणा, कांग्रेस नेता लव कसाना, उप्र पुलिस में कांस्टेबल कार्तिक जिंदल आदि प्रतिबंधित हैं।
उध्नर, के अलावा वर्तमान के नामों में शान मोहम्मद, आनंद प्रकाश सिद्धार्थ, अक्षय बैंसला, शुभम भड़ाना, अक्षय सिंह, शेखर चौधरी, मोहित तोमर, एबीवीपी से जुड़े हंस चौधरी आदि विश्वविद्यालय की प्रतिबंधित काली सूची का हिस्सा हैं।
अक्षय बैंसला ने कुलपति को पत्र लिखकर कहा है कि 25 नवंबर 2022 और 10 अप्रैल 2023 को प्रतिबंधित किए जाने के बाद उनका प्रतिबंध 13 सितंबर 2023 को समाप्त कर दिया गया। उसके बाद विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया। बावजूद इसके वर्तमान सत्र में प्रवेश प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है। आरोप है कि छात्रों की मांग समय-समय पर उठाने के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा
विश्वविद्यालय को अपनी व्यवस्था पर विचार करना चाहिए। होनहार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। अब तो कभी-कभार विश्वविद्यालय आना होता है। छात्रों के खिलाफ ऐसे कृत्य के विरोध में 14 अप्रैल के बाद विश्वविद्यालय में आंदोलन करेंगे।
-डा. दिग्विजय भाटी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाकियू आंबेडकर
समय-समय पर सूची संशोधित की जाती है। प्रतिबंध के बाद केवल उन्हीं छात्रों को कुछ समय के लिए प्रवेश मिलता है जिन्हें कोर्स पूरा करने की अनुमति दी जाती है। अक्षय बैंसला सहित ऐसे छात्र जिनके नाम एफआइआर में दर्ज हैं वह विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रतिबंध सूची में शामिल हैं।
-प्रोफेसर बीरपाल सिंह, कुलानुशासक, सीसीएसयू
Latest News
Open