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मेरठ की सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 7वें दिन भी व्यापारियों का धरना जारी है। बाजार में भारी पुलिस फोर्स और PAC तैनात है। एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले और एएसपी अभिषेक तिवारी ने व्यापारियों से बातचीत की।
लेकिन यह बातचीत विफल रही। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके से वापस लौट गए। इसी दौरान कांग्रेस नेता रीना शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने पर पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने रीना शर्मा को छोड़ दिया।
पुलिस ने दावा किया कि रीना शर्मा को हिरासत में लिया ही नहीं गया था। वह खुद वीडियो बनवाने के लिए पुलिस की गाड़ी में बैठ गई थी। थाना प्रभारी ने कार्यकर्ताओं से कहा- उनका काम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
यदि किसी अधिकारी से मिलना है तो उनके कार्यालय जाकर मिलें, धरना स्थल पर रुककर माहौल न बिगाड़ें। इसके बाद अधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता घटना स्थल से लौट गए।
कांग्रेस नेता रीना शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लिया
इसी दौरान धरने पर महिलाओं के साथ बैठीं कांग्रेस नेता रीना शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लेकर नौचंदी थाने भेज दिया। रीना शर्मा का आरोप है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से महिलाओं के बीच बैठी थी और उन्होंने कोई नारेबाजी भी नहीं की।
इसके बावजूद एसएचओ अनूप कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें जबरन धरने से उठाकर महिला पुलिस की मदद से थाने भिजवा दिया। रीना शर्मा की कथित गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता नौचंदी थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। बढ़ते दबाव के बीच पुलिस को रीना शर्मा को छोड़ना पड़ा।
वह खुद वीडियो बनवाने के लिए पुलिस की गाड़ी में बैठीं
इंस्पेक्टर अनूप सिंह ने दावा किया- रीना शर्मा को हिरासत में लिया ही नहीं गया था। वह खुद वीडियो बनवाने के लिए पुलिस की गाड़ी में बैठ गई थी। वहीं, धरने पर बैठे व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने कहा- वह राजनीतिक दल की भागीदारी नहीं चाहते।
स्थिति को देखते हुए कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके से वापस लौट गए।
पुलिस का रवैया पूरी तरह तानाशाही
कांग्रेस नेता अवनीश काजला ने कहा- हमारी पार्टी की एक महिला कार्यकर्ता को पुलिस ने जबरन धरना स्थल से हिरासत में लिया गया। हम यही पूछने पहुंचे थे कि आखिर ऐसा कौन सा नियम है, जिसमें कोई महिला अपने ही क्षेत्र में चल रहे धरने में बैठी महिलाओं के बीच नहीं जा सकती।
उन्होंने पुलिस और प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा- इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह तानाशाही को दर्शाती है। वहीं, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने बताया- हमें धरना स्थल पर जाने से रोका गया है। कल प्रदेश अध्यक्ष अजय राय व्यापारियों से मिलने पहुंच रहे हैं। पुलिस और प्रशासन अब कल उन्हें रोक के दिखाए।
एडीएम सिटी ने किया था समझाने का प्रयास
प्रदर्शन के दौरान बुधवार को एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद गुरुवार को और अधिक पुलिस बल की तैनाती की गई।
व्यापारियों के समर्थन में हिंदू संगठन के नेता सचिन सिरोही ने दिल्ली तक पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, पुलिस ने इस यात्रा को शुरू होने से पहले ही रोक दिया।
वहीं, प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने स्पष्ट किया कि वे किसी यात्रा का हिस्सा नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर मार्केट में ही बैठकर प्रदर्शन जारी रखेंगी। फिलहाल मौके पर पुलिस और प्रशासन की निगरानी बनी हुई है, जबकि व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों को बचाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
ये है मामला
9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने 859 आवासीय भू-खंडों में चल रही आवासीय गतिविधियों को बंद कर सैट बैक करने के लिए आदेश दिया था। इसके बाद से ही वहां के व्यापारी और स्थानीय निवासी इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
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